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Kanpur Municipal Corporation to Collect Fees from 2,500 Hoardings Across City, Seven-Day Deadline Given

kanpur - Thu Aug 20

Kanpur Municipal Corporation to Collect Fees from 2,500 Hoardings Across City, Seven-Day Deadline Given
कानपुर नगर निगम ने शहर भर में लगी बहुमंजिला इमारतों और मकानों पर लगे विज्ञापन होर्डिंगों से शुल्क वसूलने की बड़ी तैयारी कर ली है। नगर निगम के विज्ञापन विभाग के अनुसार, शहर में करीब 2500 ऐसे होर्डिंग चिन्हित किए गए हैं, जिनसे अब तक निर्धारित शुल्क नहीं लिया जा रहा था। इन सभी होर्डिंगों से अब नियमानुसार शुल्क वसूला जाएगा। विभाग ने सभी संबंधित विज्ञापन एजेंसियों और भवन स्वामियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे होर्डिंग के आकार के अनुसार निर्धारित शुल्क अगले सात दिनों के भीतर जमा कर दें। यदि इस समयसीमा में शुल्क जमा नहीं किया गया, तो संबंधित होर्डिंगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें उन्हें हटाना भी शामिल हो सकता है। राजस्व वृद्धि की दिशा में बड़ा कदम नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। लंबे समय से शहर में कई होर्डिंग बिना किसी नियमित शुल्क भुगतान के संचालित हो रहे थे, जिससे निगम को राजस्व का काफी नुकसान हो रहा था। अब इस अभियान के जरिए निगम अपनी आय बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिसका इस्तेमाल शहर के विकास कार्यों में किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, होर्डिंग के आकार के आधार पर अलग-अलग शुल्क दरें निर्धारित की गई हैं, ताकि छोटे और बड़े दोनों तरह के विज्ञापनदाताओं के लिए यह व्यवस्था न्यायसंगत रहे। विज्ञापन एजेंसियों की प्रतिक्रिया इस नए निर्देश के बाद शहर की विज्ञापन एजेंसियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कुछ एजेंसियों का कहना है कि यह कदम उचित है, क्योंकि इससे विज्ञापन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी। वहीं, कुछ छोटे विज्ञापनदाताओं ने चिंता जताई है कि अचानक शुल्क वसूली से उनके व्यापार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। कई एजेंसियों ने निगम से समयसीमा बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि वे अपने सभी दस्तावेज और भुगतान की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी कर सकें। भवन स्वामियों के लिए भी निर्देश केवल विज्ञापन एजेंसियां ही नहीं, बल्कि जिन भवन स्वामियों की इमारतों पर होर्डिंग लगे हैं, उन्हें भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। निगम का कहना है कि भवन स्वामियों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वे सुनिश्चित करें कि उनकी इमारत पर लगा कोई भी होर्डिंग नियमों के दायरे में हो और उसका शुल्क नियमित रूप से जमा हो। अवैध होर्डिंग पर भी होगी कार्रवाई नगर निगम के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अभियान के दौरान उन होर्डिंगों की भी पहचान की जाएगी, जो बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से लगाए गए हैं। ऐसे होर्डिंगों के खिलाफ सीधे तौर पर हटाने की कार्रवाई की जाएगी, और संबंधित लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। शहर की सुंदरता और सुरक्षा पर जोर अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य शहर की सुंदरता बनाए रखना और होर्डिंगों से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी है। कई बार अनियमित और असुरक्षित तरीके से लगाए गए होर्डिंग दुर्घटनाओं का कारण भी बन जाते हैं, खासकर तेज हवा या बारिश के दौरान। नागरिकों की राय शहर के कई नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया है, उनका कहना है कि नियमित शुल्क वसूली से न केवल निगम का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि होर्डिंगों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर भी बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। हालांकि, कुछ नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया कि निगम को इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की मनमानी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे। आगे की प्रक्रिया नगर निगम ने बताया कि सात दिन की समयसीमा समाप्त होने के बाद एक विशेष टीम शहर भर में सर्वेक्षण करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी होर्डिंग स्वामियों ने निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है। जो लोग शुल्क जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानपुर लाइव नगर निगम की इस पहल से जुड़ी हर अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखेगा और अपने पाठकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा।

कानपुर नगर निगम वसूलेगा 2500 होर्डिंगों से शुल्क — विज्ञापन एजेंसियों और भवन स्वामियों को दिया गया सात दिन का अल्टीमेटम

कानपुर नगर निगम ने शहर भर में लगी बहुमंजिला इमारतों और मकानों पर लगे विज्ञापन होर्डिंगों से शुल्क वसूलने की बड़ी तैयारी कर ली है। नगर निगम के विज्ञापन विभाग के अनुसार, शहर में करीब 2500 ऐसे होर्डिंग चिन्हित किए गए हैं, जिनसे अब तक निर्धारित शुल्क नहीं लिया जा रहा था। इन सभी होर्डिंगों से अब नियमानुसार शुल्क वसूला जाएगा। विभाग ने सभी संबंधित विज्ञापन एजेंसियों और भवन स्वामियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे होर्डिंग के आकार के अनुसार निर्धारित शुल्क अगले सात दिनों के भीतर जमा कर दें। यदि इस समयसीमा में शुल्क जमा नहीं किया गया, तो संबंधित होर्डिंगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें उन्हें हटाना भी शामिल हो सकता है। राजस्व वृद्धि की दिशा में बड़ा कदम नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। लंबे समय से शहर में कई होर्डिंग बिना किसी नियमित शुल्क भुगतान के संचालित हो रहे थे, जिससे निगम को राजस्व का काफी नुकसान हो रहा था। अब इस अभियान के जरिए निगम अपनी आय बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिसका इस्तेमाल शहर के विकास कार्यों में किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, होर्डिंग के आकार के आधार पर अलग-अलग शुल्क दरें निर्धारित की गई हैं, ताकि छोटे और बड़े दोनों तरह के विज्ञापनदाताओं के लिए यह व्यवस्था न्यायसंगत रहे। विज्ञापन एजेंसियों की प्रतिक्रिया इस नए निर्देश के बाद शहर की विज्ञापन एजेंसियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कुछ एजेंसियों का कहना है कि यह कदम उचित है, क्योंकि इससे विज्ञापन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी। वहीं, कुछ छोटे विज्ञापनदाताओं ने चिंता जताई है कि अचानक शुल्क वसूली से उनके व्यापार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। कई एजेंसियों ने निगम से समयसीमा बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि वे अपने सभी दस्तावेज और भुगतान की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी कर सकें। भवन स्वामियों के लिए भी निर्देश केवल विज्ञापन एजेंसियां ही नहीं, बल्कि जिन भवन स्वामियों की इमारतों पर होर्डिंग लगे हैं, उन्हें भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। निगम का कहना है कि भवन स्वामियों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वे सुनिश्चित करें कि उनकी इमारत पर लगा कोई भी होर्डिंग नियमों के दायरे में हो और उसका शुल्क नियमित रूप से जमा हो। अवैध होर्डिंग पर भी होगी कार्रवाई नगर निगम के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अभियान के दौरान उन होर्डिंगों की भी पहचान की जाएगी, जो बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से लगाए गए हैं। ऐसे होर्डिंगों के खिलाफ सीधे तौर पर हटाने की कार्रवाई की जाएगी, और संबंधित लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। शहर की सुंदरता और सुरक्षा पर जोर अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य शहर की सुंदरता बनाए रखना और होर्डिंगों से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी है। कई बार अनियमित और असुरक्षित तरीके से लगाए गए होर्डिंग दुर्घटनाओं का कारण भी बन जाते हैं, खासकर तेज हवा या बारिश के दौरान। नागरिकों की राय शहर के कई नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया है, उनका कहना है कि नियमित शुल्क वसूली से न केवल निगम का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि होर्डिंगों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर भी बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। हालांकि, कुछ नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया कि निगम को इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की मनमानी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे। आगे की प्रक्रिया नगर निगम ने बताया कि सात दिन की समयसीमा समाप्त होने के बाद एक विशेष टीम शहर भर में सर्वेक्षण करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी होर्डिंग स्वामियों ने निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है। जो लोग शुल्क जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानपुर लाइव नगर निगम की इस पहल से जुड़ी हर अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखेगा और अपने पाठकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा।