ब्रेकिंग न्यूज़
Kanpur Municipal Corporation to Collect Fees from 2,500 Hoardings Across City, Seven-Day Deadline Given | Lucknow Airport Security Scare: Live Cartridge Found in Bags of Two Nepali Women During Screening | India vs Afghanistan T20I Series to Use FIFA World Cup-Grade Broadcast Technology at Delhi's Arun Jaitley Stadium | Sensex Bounces Back with 497-Point Surge, Rupee Strengthens as Market Recovers from Five-Day Slide | UP Cabinet Minister Announces Cashless Treatment and Uniform Allowance for PRD Jawans | Rishabh Pant Creates History with 100 Test Sixes — Fastest Ever to the Landmark | Dhamaal 4 Box Office: Ajay Devgn, Arshad Warsi's Comedy Sequel Makes Strong Comeback | Iran Declares "Fully Offensive" Military Posture as Ceasefire Talks Collapse, Oil Tops $90 a Barrel
K
Kanpur.live
कानपुर की आवाज़ | Voice of Kanpur
Back to Home

Lok Sabha Debates Anti Paper Leak Bill Rahul Gandhi Says Students Anger Was Justified Parties Should Respect It Government Calls It Historic Step

national - Thu Jul 30

Lok Sabha Debates Anti Paper Leak Bill Rahul Gandhi Says Students Anger Was Justified Parties Should Respect It Government Calls It Historic Step
देश की संसद में आज पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक पर गहन चर्चा हुई। "पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026" पर लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने अपनी बात रखते हुए एक भावुक और तीखा बयान दिया, जिसने पूरे सदन का ध्यान खींचा। Rahul Gandhi का बयान: Rahul Gandhi ने कहा कि हाल के महीनों में जो छात्र आंदोलन देशभर में देखने को मिला, उसे सिर्फ "गुस्सा" कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो कुछ छात्रों ने किया — सड़कों पर उतरना, अपनी आवाज बुलंद करना — वो सिर्फ आक्रोश नहीं था, बल्कि एक न्यायसंगत मांग थी अपने भविष्य को लेकर। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वो छात्रों की इस आवाज का सम्मान करें, चाहे वो किसी भी पार्टी से जुड़े हों। उनका यह बयान उस पूरे माहौल में आया जब हाल ही में NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। नया बिल क्या है: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में इस बिल को पेश करते हुए बताया कि यह असल में 2024 में पारित हुए "Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act" में एक संशोधन है। उन्होंने कहा कि यह मूल कानून खुद आजाद भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला कानून था, जो विशेष रूप से परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए बनाया गया था। जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन बिल देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दोहराता है, और यह प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को भी आगे बढ़ाता है जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के बच्चों के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। बिल में क्या नए प्रावधान हैं: इस संशोधन बिल में परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनमें कड़ी सजा, real-time monitoring systems और paper leak में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ तेज कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था शामिल है। विपक्ष का समर्थन और सतर्कता दोनों: हालांकि विपक्ष ने इस बिल के मूल उद्देश्य का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाने से समस्या हल नहीं होगी जब तक कि उसका सख्ती से implementation न हो। कई विपक्षी सांसदों ने यह भी मांग की कि हाल के NEET paper leak मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो। Sansad Chalo Protest का जिक्र: इस बहस के दौरान हाल ही में हुए CJP के "Sansad Chalo" यानी संसद मार्च का भी जिक्र आया, जिसमें पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। कई सांसदों ने इस मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा। डिंपल यादव और अन्य सांसदों का प्रदर्शन: इसी बीच समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव, प्रिया सरोज और इकरा हसन जैसी महिला सांसदों ने संसद परिसर से बैनर लेकर Jantar Mantar की तरफ मार्च किया, जिससे विरोध का यह मुद्दा और तेज हो गया। कानपुर और UP के छात्रों के लिए महत्व: यह बिल सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश और कानपुर के लाखों students को प्रभावित करेगा, जो हर साल विभिन्न competitive परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहते हैं। एक मजबूत और foolproof कानून उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। आगे की प्रक्रिया: बिल पर आगे भी चर्चा जारी रहेगी, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसे लोकसभा में पारित कर राज्यसभा भेजा जाएगा। छात्र संगठन इस बिल के जल्द और प्रभावी implementation की उम्मीद लगाए हुए हैं।

लोकसभा में पेपर लीक रोधी बिल पर बहस — Rahul Gandhi बोले "छात्रों का गुस्सा जायज था, पार्टियों को करना चाहिए सम्मान", सरकार ने बताया ऐतिहासिक कदम

देश की संसद में आज पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक पर गहन चर्चा हुई। "पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026" पर लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने अपनी बात रखते हुए एक भावुक और तीखा बयान दिया, जिसने पूरे सदन का ध्यान खींचा। Rahul Gandhi का बयान: Rahul Gandhi ने कहा कि हाल के महीनों में जो छात्र आंदोलन देशभर में देखने को मिला, उसे सिर्फ "गुस्सा" कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो कुछ छात्रों ने किया — सड़कों पर उतरना, अपनी आवाज बुलंद करना — वो सिर्फ आक्रोश नहीं था, बल्कि एक न्यायसंगत मांग थी अपने भविष्य को लेकर। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वो छात्रों की इस आवाज का सम्मान करें, चाहे वो किसी भी पार्टी से जुड़े हों। उनका यह बयान उस पूरे माहौल में आया जब हाल ही में NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। नया बिल क्या है: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में इस बिल को पेश करते हुए बताया कि यह असल में 2024 में पारित हुए "Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act" में एक संशोधन है। उन्होंने कहा कि यह मूल कानून खुद आजाद भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला कानून था, जो विशेष रूप से परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए बनाया गया था। जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन बिल देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दोहराता है, और यह प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को भी आगे बढ़ाता है जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के बच्चों के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। बिल में क्या नए प्रावधान हैं: इस संशोधन बिल में परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनमें कड़ी सजा, real-time monitoring systems और paper leak में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ तेज कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था शामिल है। विपक्ष का समर्थन और सतर्कता दोनों: हालांकि विपक्ष ने इस बिल के मूल उद्देश्य का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाने से समस्या हल नहीं होगी जब तक कि उसका सख्ती से implementation न हो। कई विपक्षी सांसदों ने यह भी मांग की कि हाल के NEET paper leak मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो। Sansad Chalo Protest का जिक्र: इस बहस के दौरान हाल ही में हुए CJP के "Sansad Chalo" यानी संसद मार्च का भी जिक्र आया, जिसमें पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। कई सांसदों ने इस मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा। डिंपल यादव और अन्य सांसदों का प्रदर्शन: इसी बीच समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव, प्रिया सरोज और इकरा हसन जैसी महिला सांसदों ने संसद परिसर से बैनर लेकर Jantar Mantar की तरफ मार्च किया, जिससे विरोध का यह मुद्दा और तेज हो गया। कानपुर और UP के छात्रों के लिए महत्व: यह बिल सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश और कानपुर के लाखों students को प्रभावित करेगा, जो हर साल विभिन्न competitive परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहते हैं। एक मजबूत और foolproof कानून उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। आगे की प्रक्रिया: बिल पर आगे भी चर्चा जारी रहेगी, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसे लोकसभा में पारित कर राज्यसभा भेजा जाएगा। छात्र संगठन इस बिल के जल्द और प्रभावी implementation की उम्मीद लगाए हुए हैं।