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Sensex Bounces Back with 497-Point Surge, Rupee Strengthens as Market Recovers from Five-Day Slide

national - Thu Aug 20

Sensex Bounces Back with 497-Point Surge, Rupee Strengthens as Market Recovers from Five-Day Slide
लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स गुरुवार सुबह के कारोबार में 497.75 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाकर 77,407.43 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी ने निवेशकों में राहत की भावना पैदा की है, जो पिछले कई दिनों से बाजार में जारी बिकवाली के दबाव से चिंतित थे। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई सकारात्मक कारक जिम्मेदार रहे। घरेलू और वैश्विक स्तर पर कुछ बेहतर आर्थिक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया, जिससे खरीदारी का माहौल बना। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में जोरदार खरीदारी देखी गई। बजाज फाइनेंस के शेयरों में करीब पौने दो प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई, जबकि इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई। एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान रहा। हालांकि, इस समग्र तेजी के बीच एमएंडएम के शेयरों में मामूली गिरावट भी दर्ज हुई, जो यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी के बावजूद कुछ क्षेत्रों में सतर्कता बनी हुई है। पिछले दिनों की गिरावट से राहत इससे पहले बुधवार को बाजार दबाव में रहा था, जब सेंसेक्स 325.78 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,909.68 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी उस दिन 76.60 अंक टूटकर 24,078.30 के स्तर पर आ गया था। बाजार में यह गिरावट लगातार पांचवें दिन जारी थी, जिसने निवेशकों की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया था। रुपये में भी दिखी मजबूती शेयर बाजार की तेजी के साथ-साथ भारतीय रुपये में भी सुधार देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे मजबूत होकर 95.56 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को रुपया केवल एक पैसे की मामूली मजबूती के साथ 95.73 पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में यह सुधार निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, हालांकि बाजार की नजर अभी भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है नजर बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए इस मोर्चे पर किसी भी बड़े बदलाव का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। कानपुर के व्यापारियों के लिए मायने कानपुर जैसे औद्योगिक शहर के व्यापारियों के लिए भी यह बाजार गतिविधि महत्वपूर्ण है। स्थानीय निवेशकों और व्यापारियों का कहना है कि शेयर बाजार में स्थिरता लौटने से समग्र आर्थिक माहौल में भी सकारात्मकता आती है, जिसका असर स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। निवेशकों के लिए सलाह वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि इस तरह के उतार-चढ़ाव के दौर में निवेशकों को अल्पकालिक बाजार गतिविधियों के आधार पर जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। उनका सुझाव है कि दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाना, खासकर इस तरह की अस्थिर बाजार स्थितियों में, सबसे बेहतर तरीका माना जाता है। आगे की संभावनाएं बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि पश्चिम एशिया में स्थिरता लौटती है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। कानपुर लाइव शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पर लगातार नजर बनाए रखेगा और अपने पाठकों को समय पर अपडेट प्रदान करता रहेगा।

: सेंसेक्स ने भरी जोरदार उड़ान, 497 अंक चढ़ा — पांच दिन की गिरावट के बाद बाजार में लौटी रौनक, रुपया भी हुआ मजबूत

लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स गुरुवार सुबह के कारोबार में 497.75 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाकर 77,407.43 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी ने निवेशकों में राहत की भावना पैदा की है, जो पिछले कई दिनों से बाजार में जारी बिकवाली के दबाव से चिंतित थे। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई सकारात्मक कारक जिम्मेदार रहे। घरेलू और वैश्विक स्तर पर कुछ बेहतर आर्थिक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया, जिससे खरीदारी का माहौल बना। किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में जोरदार खरीदारी देखी गई। बजाज फाइनेंस के शेयरों में करीब पौने दो प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई, जबकि इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई। एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान रहा। हालांकि, इस समग्र तेजी के बीच एमएंडएम के शेयरों में मामूली गिरावट भी दर्ज हुई, जो यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी के बावजूद कुछ क्षेत्रों में सतर्कता बनी हुई है। पिछले दिनों की गिरावट से राहत इससे पहले बुधवार को बाजार दबाव में रहा था, जब सेंसेक्स 325.78 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,909.68 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी उस दिन 76.60 अंक टूटकर 24,078.30 के स्तर पर आ गया था। बाजार में यह गिरावट लगातार पांचवें दिन जारी थी, जिसने निवेशकों की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया था। रुपये में भी दिखी मजबूती शेयर बाजार की तेजी के साथ-साथ भारतीय रुपये में भी सुधार देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे मजबूत होकर 95.56 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को रुपया केवल एक पैसे की मामूली मजबूती के साथ 95.73 पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में यह सुधार निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, हालांकि बाजार की नजर अभी भी पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है नजर बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए इस मोर्चे पर किसी भी बड़े बदलाव का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। कानपुर के व्यापारियों के लिए मायने कानपुर जैसे औद्योगिक शहर के व्यापारियों के लिए भी यह बाजार गतिविधि महत्वपूर्ण है। स्थानीय निवेशकों और व्यापारियों का कहना है कि शेयर बाजार में स्थिरता लौटने से समग्र आर्थिक माहौल में भी सकारात्मकता आती है, जिसका असर स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। निवेशकों के लिए सलाह वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि इस तरह के उतार-चढ़ाव के दौर में निवेशकों को अल्पकालिक बाजार गतिविधियों के आधार पर जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। उनका सुझाव है कि दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाना, खासकर इस तरह की अस्थिर बाजार स्थितियों में, सबसे बेहतर तरीका माना जाता है। आगे की संभावनाएं बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि पश्चिम एशिया में स्थिरता लौटती है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। कानपुर लाइव शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पर लगातार नजर बनाए रखेगा और अपने पाठकों को समय पर अपडेट प्रदान करता रहेगा।